नई शायरी
नई और उम्दा शेरो-शायरी का खज़ाना
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Friday, August 11, 2017
कल न हम होंगे न गिला होगा
कल न हम होंगे न गिला होगा,
सिर्फ सिमटी हुई यादों का सिलसिला होगा,
जो लम्हे हैं चलो हंसकर बिता लें,
जाने कल जिंदगी का क्या फैसला होगा।
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